सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उस जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है जिसमें कानून, सरकारी आदेश, अधिसूचना आदि को सामान्य अंग्रेजी में प्रकाशित करने की मांग की गई है, जिससे कि आम आदमी समझ सके।
चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की पीठ ने डॉक्टर सुभाष विजयन द्वारा दायर इस याचिका पर कानून मंत्रालय व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
याचिका में कहा गया है कि फिलहाल कानून, सरकारी आदेश, अधिसूचनाएं आदि में जिस अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, वह आम आदमी की समझ से परे है। जब ये बातें आम आदमी की समझ से परे हो तो न्याय तक आम आदमी की पहुंच के सपने को कैसे साकार किया जा सकता है।
सामान्य अंग्रेजी में न होने के कारण लोगों को इन्हें समझना बेहद नामुमकिन है। इससे अदालत और वकीलों का भी समय खराब होता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि एलएलबी की पढ़ाई के दौरान एक विषय ‘सरल अंग्रेजी में कानूनी लेखन’ को शामिल किया जाना चाहिए।