घरेलू हिंसा कानून के अनिवार्य प्रावधानों को लागू करने की मांग के साथ दाखिल एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को स्थिति रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक याचिका में घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम के अनिवार्य प्रावधानों को लागू करने और सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की गई है। इसे लेकर सुप्ीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
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न्यायाधीश यूयू ललित, एस रविंद्र भट और पीएस नरसिम्हा की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 26 अप्रैल तय की है। पीठ ने केंद्र सरकार को पूर्व में सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी किए गए निर्देश पर शपथपत्र पेश करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
25 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार से एक शपथपत्र दाखिल करने को कहा था। इसमें अदालत ने घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत विभिन्न राज्यों की ओर से किए जा रहे प्रयासों में सहयोग देने के लिए केंद्र सरकार के कार्यक्रमों या योजनाओं की जानकारी मांगी थी।
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पीठ ने केंद्र से घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत मुकदों की राज्यवार जानकारी भी मांगी है। अदालत याचिकाकर्ता 'वी द वूमेन ऑफ इंडिया' की ओर से अधिवक्ता शोभा गुप्ता की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी। अब इस मामले में सुनवाई 26 अप्रैल को होगी।