फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: वैक्सीन पीएसयू को पुनर्जीवित करने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से चार हफ्ते में मांगा जवाब 

Mon, 13 Dec 2021 10:36 PM IST
Amit Mandal अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम जानना चाहते हैं कि सरकार की नीति क्या है। इसी के साथ चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है। 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सार्वजनिक क्षेत्र की वैक्सीन इकाइयों को पुनर्जीवित करने व खरीद आदेश देकर उनकी पूर्ण उत्पादन क्षमताओं का उपयोग करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से जवाब मांगा। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने शुरुआत में याचिका पर नोटिस जारी करने का निर्णय लिया लेकिन सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि इस मामले में नोटिस जारी करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह नीतिगत निर्णय का मामला है।

विज्ञापन


पीठ ने कहा, हम जानना चाहते हैं कि सरकार की नीति क्या है। चार हफ्ते में जवाब दाखिल करें। पीठ ने साथ ही याचिकाकर्ता को सरकार के जवाब पर तीन हफ्ते के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा। पीठ पूर्व आईएएस अमूल्य रत्न नंदा, ऑल इंडिया ड्रग एक्शन नेटवर्क, लो कॉस्ट स्टैंडर्ड थेरेप्यूटिक्स और मेडिको फ्रेंड सर्कल द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र की वैक्सीन इकाइयों को कार्यात्मक स्वायत्तता प्रदान करने और इन सार्वजनिक उपक्रमों को सार्वजनिक धन खर्च करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। 

याचिका में कहा गया कि इन सार्वजनिक उपक्रमों को वैक्सीन उत्पादन में जाविद चौधरी की रिपोर्ट, 2010 के अनुसार पूर्ण स्वायत्तता दी जानी चाहिए जिससे कि भविष्य में उनके पूर्ण पुनरुद्धार और सुचारू कामकाज को सुनिश्चित किया जा सके। जब तक गुणवत्ता सुनिश्चित की जाती है तब तक किसी भी सार्वजनिक उपक्रम को किसी भी वैक्सीन के उत्पादन या सरकारी वैक्सीन खरीद से बाहर नहीं किया जाना चाहिए।
विज्ञापन


2016 के आदेश का हवाला
याचिका में शीर्ष अदालत के 2016 के एक आदेश का हवाला दिया गया जिसमें सरकार सार्वजनिक उपक्रमों को पुनर्जीवित करने के लिए कार्रवाई करने के लिए सहमत हुई थी। याचिका में कहा गया है कि वैक्सीन निर्माण सुविधाएं जो उनके निलंबन से पहले की मांग के 80-85 प्रतिशत की पूर्ति कर रही थीं, आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार के बावजूद अब भी बेकार पड़ी हैं।

भारत में सबसे पुराने वैक्सीन पीएसयू मौजूद
भारत में सबसे पुराने वैक्सीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) हैं, जिनमें से 25 ब्रिटिश राज के तहत स्थापित किए गए थे। 1980 के दशक तक 29 सार्वजनिक उपक्रमों की स्थापना की गई जिनका एकमात्र उद्देश्य भारत में बच्चों के मृत्यु और रुग्णता को रोकने के लिए 1986 में शुरू किए गए सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के लिए वैक्सीन के उत्पादन में देश को आत्मनिर्भरता बनाना था।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें