फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SC: ‘वीवीपैट पर्चियों की पूरी गिनती की मांग’, लोकसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट ने ईसी-केंद्र से मांगा जवाब

Tue, 02 Apr 2024 12:09 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कार्यकर्ता अरुण कुमार अग्रवाल की याचिका पर चुनाव आयोग (ईसी) और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वीवीपैट पर्चियों से संबंधित एक मामले की सुनवाई की, जिसमें वीवीपैट पर्चियों की पूरी गिनती की मांग की गई थी। कोर्ट ने मामले में चुनाव आयोग और केंद्र से जवाब मांगा है। गौरतलब है कि वर्तमान परिस्थितियों में वीवीपैट पर्चियों के माध्यम से किसी भी पांच चयनित ईवीएम का सत्यापन किया जाता है। दरअसल, वीवीपैट एक स्वतंत्र वोट सत्यापन प्रणाली है, जो मतदाता को यह देखने की अनुमति देता है कि उसका वोट सही तरीके से डाला गया है या नहीं।  

सामाजिक कार्यकर्ता अरुण कुमार अग्रवाल ने दायर की है याचिका

विज्ञापन

न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कार्यकर्ता अरुण कुमार अग्रवाल की याचिका पर चुनाव आयोग (ईसी) और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया, जिसे 17 मई को सुनवाई के लिए तय किया जा सकता है। मामले में अग्रवाल की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन और वकील नेहा राठी अदालत के समक्ष पेश हुए थे।

अब जानिए, याचिका में क्या कहा गया है  \
सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा गया है कि यदि वीवीपैट पार्चियों का एक साथ सत्यापन किया जाता है तो प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में गिनती के लिए अधिक अधिकारी तैनात करने होंगे और पूरा सत्यापन पांच से छह घंटे में किया जा सकता है। याचिका में बताया कि सरकार ने 24 लाख वीवीपैट खरीदे हैं, जिसमें लगभग पांच हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, बावजूद इसके करीब 20 हजार वीवीपैट की पर्चियां ही सत्यापित हो सकती हैं। बता दें, आठ अप्रैल 2019 को शीर्ष अदालत ने प्रत्येक लोकसभा में वीवीपैट पर्चियों के माध्यम से गुजरने वाली ईवीएम की संख्या को एक से बढ़ाकर पांच करने का आदेश दिया था। 

लोकसभा का कार्यक्रम

  • पहला चरण: 19 अप्रैल को 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 102 सीट पर मतदान होगा।
  • दूसरे चरण: 26 अप्रैल को 13 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की 89 सीट पर मतदान होगा।
  • तीसरा चरण: सात मई को 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 94 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा।
  • चौथा चरण: 13 मई को 10 राज्यों के 96 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा।
  • पांचवां चरण: 20 मई को आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 49 सीट पर मतदान होगा।
  • छठा चरण: 25 मई को सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 57 सीट पर मतदान होगा।
  • सातवां चरण: एक जून को आठ राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की 57 सीट पर मतदान होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें