सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे से संबंधित कानून में हाल ही में किए गए संशोधन को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब मांगा।
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड़ की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने गैर सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स’ (एडीआर) की जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया।
गैर सरकारी संगठन की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने दलील दी कि इस संशोधन ने कंपनियों द्वारा किसी भी राजनीतिक दल को अपने कुल औसत लाभ का साढे़ सात प्रतिशत से अधिक चंदा देने पर लगी पाबंदी हटा दी है।
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दल अब स्रोत की जानकारी का खुलासा किए बगैर ही चुनाव बांड की शक्ल में चंदा ले सकते हैं। लोकसभा ने वित्त विधेयक 2017 में संशोधनों के अनुरूप राजनीतिक दलों को कार्पोरेट घरानों से मिलने वाले चंदे में ढील देने के सरकार के प्रस्ताव को इस साल मार्च में मंजूरी दे दी थी।