सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश की उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने प्रवासी मजदूरों के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून का प्रभावी तरीके से लागू करने की गुहार लगाई थी।
जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि याचिका में कोरोना महामारी के दौर में जो रियायत मांगी गई है, उसके लिए पहले सरकार के पास जाना चाहिए था। इसके बाद जयराम रमेश ने अपनी याचिका वापस ले ली और सरकार के पास अपनी बातें रखने की अनुमति मांगी, जिसकी पीठ ने इजाजत दे दी।
याचिका में कोरोना संकट के समय में बिना राशन कार्ड प्रवासी मजदूरों व अन्य को मुफ्त राशन देने की मांग थी। जयराम के वकील सलमान खुर्शीद ने पीठ से कहा कि मजदूर अपने गांव लौट रहे हैं। उनका राशन कार्ड वहां का बना हुआ है जहां वे काम करते हैं। ऐसे में उन्हें उनके गांव में बिना राशन कार्ड मुफ्त अनाज नहीं मिल रहा है।