वहीं सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी गई कि गत 17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों को लेकर अब 12 राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों ने अनुपालन रिपोर्ट दाखिल नहीं की है। इनमें दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक आदि हैं।
इस पर पीठ ने कहा कि जिन राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों ने अब तक इस संबंध में हलफनामा दाखिल नहीं किया है वे एक हफ्ते में दाखिल कर दें। दिल्ली सहित कुछ अन्य राज्यों की ओर से कोई वकील पेश न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश की प्रति उनके मुख्य सचिव को भेजने के लिए कहा है।
साथ ही सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील संजय हेगडे़ ने पीठ को बताया कि लिंचिंग व भीड़ हिंसा के पीड़ितों के मुआवजे को लेकर कई राज्यों ने स्कीम नहीं बनाई है। पीठ ने इन राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों को एक हफ्ते में अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।