सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल द्वारा वहां 4-जी इंटरनेट सेवा बहाल करने संबंधी बयान की सत्यता की जांच करने को कहा है। जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल और जम्मू-कश्मीर की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को उपराज्यपाल द्वारा कथित तौर पर दिए बयान की सच्चाई जांचने को कहा है।
कोर्ट फाउंडेशन और मीडिया प्रोफेशनल नामक एनजीओ की अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही है। इसमें कहा गया है कि इंटरनेट सेवा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा। वरिष्ठ वकील हुजैफा अहमदी ने पीठ के समक्ष कहा, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू ने हाल ही में कहा था कि 4जी सेवा बहाल होनी चाहिए।
अहमदी ने यह भी कहा, भाजपा नेता राममाधव ने भी कहा था कि वहां इंटरनेट सेवा बहाल हो सकती है। सरकार की ओर से कहा गया कि वह मीडिया में आए बयान की सत्यता की जांच करेंगे। मेहता ने कहा, जवाब रखने के लिए वक्त मांगा। जिसके बाद पीठ ने सुनवाई सात अगस्त तक टाल दी।