मुजफ्फरपुर शेल्टर होम यौन उत्पीडन मामले में सीबीआई की रिपोर्ट देखने पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह बेहद भयावह और डरावनी है। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने गुरुवार को सीबीआई द्वारा सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट देखने पर कहा कि इसमें जो जानकारी दी गई है वह स्तब्धकारी है।
रिपोर्ट में शेल्टर होम में लड़कियों को बेहोशी की दवा देने के साथ-साथ कई अन्य जानकारियों पर पीठ ने कहा कि आखिर यह हो क्या रहा है। साथ ही पीठ ने कहा है कि इस मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर पर सीबीआई ने जो आरोप लगाए हैं, वह बेहद गंभीर हैं।
पीठ ने ब्रजेश ठाकुर को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि क्यों नहीं उसे राज्य केबाहर दूसरे जेल में शिफ्ट कर दिया जाए। वास्तव में सीबीआई ने कहा था कि ब्रजेश ठाकुर केपास जेल में मोबाइल फोन मिला है और वह दूसरेआरोपियों पर प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया हमारा मानना है कि ठाकुर को बिहार केजेल में रखना सही नहीं होगा। बिहार सरकार ने भी पीठ केइस प्रस्ताव का समर्थन किया।
वहीं पीठ ने यह भी सवाल किया कि पूर्व मंत्री मंजू वर्मा केपति चंद्रशेखर वर्मा को अब तक क्यों गिरफ्तार नहीं किया गया है। उसको तलाश करने में देरी क्यों की जा रही है। पीठ ने सीबीआई और बिहार पुलिस को इस बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है।
मालूम हो कि पूर्व मंत्री और उसकेपति केपास बड़ी मात्रा में हथियार मिले थे। पीठ ने कहा कि सीबीआई की जो टीम इस मामले की छानबीन कर रही है उसे नहीं बदला जाए। अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।