सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम यौन उत्पीडन मामले के आरोपी ब्रजेश ठाकुर के इस आरोप को निराधार बताया कि पटियाला जेल में उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। शीर्ष अदालत ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में ऐसा कुछ भी नहीं है।
न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को मेडिकल रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा कि डॉक्टरों के मुताबिक, ब्रजेश ठाकुर के शरीर पर कोई जख्म नहीं है और न ही मानसिक प्रताडना का कोई प्रमाण है। मालूम हो कि गत 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने ठाकुर को बिहार के भागलपुर जेल से पटियाला जेल में शिफ्ट कर दिया था।