सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को अगले वर्ष से मेडिकल एवं डेंटल कालेजों में दाखिले के लिए हर वर्ष होने वाली परीक्षा नीट को ऑनलाइन कराने पर विचार करने को कहा है।
जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने अथॉरिटी से कहा, वह आईआईटी/जेईई की तर्ज पर नीट भी ऑनलाइन कराने पर गंभीरता से विचार करें। सुप्रीम कोर्ट ने यह सुझाव उस याचिका को खारिज करते हुए दिया जिसमें विदेशी छात्रों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मिडिल ईस्ट और खाड़ी देशों में नीट के लिए परीक्षा केंद्र बनाने की मांग की गई थी।
शीर्ष कोर्ट ने केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से अनुरोध किया कि वह संबंधित मंत्रालय से बात करें और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करें कि जो भी छात्र परीक्षा देना चाहते हैं उन्हें वंदे मातरम मिशन के तहत फ्लाइट से लाने की व्यवस्था की जाए। साथ ही शीर्ष अदालत ने छात्रों को 14 दिनों के आवश्यक क्वारंटीन में छूट के लिए राज्य की अथॉरिटी से संपर्क करने को कहा है।
अब्दुल अजीज ने याचिका में कहा कि सरकार ने 13 सितंबर को नीट आयोजित करने का निर्णय लिया है लेकिन कोरोना महामारी के कारण उनके लिए भारत आना उचित नहीं होगा। लिहाजा पश्चिम एशिया व खाड़ी देशों में परीक्षा केंद्र की व्यवस्था करनी चाहिए। इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था।