सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि विश्वविद्यालय कॉलेजों में किसी भी पाठ्यक्रम के लिए एआईसीटीई द्वारा तय मानकों को कम नहीं कर सकते हैं लेकिन वे संबद्धता प्रदान करने के लिए नियम और मानदंड के स्तर को बढ़ाने की शक्ति रखते हैं।
चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यिम की पीठ ने कहा कि मौजूदा समय में कोई भी विश्वविद्यालय हीलाहवाली वाला रवैया नहीं अपना सकता है क्योंकि उनके स्वयं के प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आका जा रहा है।
इसलिए विश्वविद्यालयों की मानकों और नियमों को बढ़ाने की ताकत पर संदेह नहीं किया जा सकता है। पीठ ने केरल हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए सरकार द्वारा संचालित एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कॉलेजों द्वारा पाठ्यक्रम की संबद्धता के लिए नियमों को बढ़ाने के फैसले को बरकरार रखा।