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सुप्रीम कोर्ट की फटकार- पेट्रोलियम मंत्रालय क्या खुद को भगवान मानता है

Tue, 10 Jul 2018 03:40 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
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पेट कोक के आयात पर रोक संबंधी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को कड़ी फटकार लगाई। 

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दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या मंत्रालय खुद को भगवान समझता है या सर्वोच्च सरकार मानता है। क्या वह यह सोचता है कि ‘खाली’ बैठे जज उसकी दया पर हैं।
 
दो सदस्यीय पीठ ने अपनी यह नाराजगी उस वक्त जताई जब उसे बताया गया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 8 जुलाई को ही वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को पेट कोक के आयात पर रोक संबंधी आदेश के बारे में जानकारी दी। 
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इस पर पीठ ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एएनएस नदकर्णी से पूछा कि क्या पेट्रोलियम मंत्रालय भगवान है। जब वे चाहेंगे तब जवाब देंगे। उन्हें बता दो कि वे अपना नाम पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय से बदलकर भगवान कर लें। क्या वह भारत सरकार से ऊपर है। हमें बताइए मंत्रालय का दर्जा क्या है। आखिर वे किसी आदेश का पालन क्यों नहीं करते हैं। 

पीठ के सवाल पर एएसजी ने कहा कि हलफनामा तैयार है और उन्हें आज ही इसे दाखिल करने की अनुमति दी जानी चाहिए। इस पर फिर नाराजगी जताते हुए जस्टिस लोकुर ने कहा कि यदि वे महसूस करते हैं कि वे आदेशों का पालन नहीं करेंगे तो वे नहीं करेंगे। 

वे सोचते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के ‘बेरोजगार’ जज उन्हें समय दे देंगे। क्या हमसे उनकी दया पर निर्भर होने की अपेक्षा की जाती है। हालांकि पीठ ने एएसजी को हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दे दी। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी। 
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जुर्माना भी लगाया

पीठ ने ढिलाई पर पेट्रोलियम मंत्रालय पर 25000 रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा दिल्ली सरकार पर एक लाख रुपये का जुर्माना ठोका। यह कार्रवाई दिल्ली सरकार द्वारा राजधानी के कई मार्गों पर यातायात अवरुद्ध होने की समस्या को दूर करने के लिए समयबद्ध स्थिति रिपोर्ट नहीं देने पर की गई। 

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