सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग (एनटीसी) गठित करने का निर्देश दिया है। जो स्वतंत्र निकाय के रूप में देशभर के न्यायाधिकरणों में नियुक्ति और कामकाज की निगरानी रखने के साथ प्रशासनिक और ढांचागत जरूरतों का ध्यान रखने का कार्य करे।
कोर्ट ने कहा- आयोग कामकाज की निगरानी के साथ प्रशासनिक और ढांचागत जरूरत का ध्यान भी रखे
जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि न्यायाधिकरण, कार्यपालिका के किसी हस्तक्षेप के बगैर न्यायिक कार्यों का निर्वहन करे। जब तक एनटीसी का गठन नहीं होता तब तक न्यायाधिकरणों की जरूरतों को पूरा करने के लिए वित्त मंत्रालय में अलग विंग बने।
पीठ ने कहा, ऐसे आयोग से न्यायाधिकरणों की छवि में सुधार होगा और वादियों में न्यायाधिकरण के प्रति भरोसा बढ़ेगा। पीठ ने कहा, न्यायाधिकरणों की न्यायिक स्वतंत्रता केवल तभी हासिल की जा सकती है जब न्यायाधिकरणों को आवश्यक बुनियादी ढांचा और अन्य सुविधाओं के लिए कार्यपालिका पर निर्भर न रहना पड़े और यह सब आयोग के गठन से ही हासिल हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणियां न्यायाधिकरण, अपीलीय न्यायाधिकरण और अन्य प्राधिकारियों (सदस्यों की सेवा की योग्यता, अनुभव और अन्य शर्तें) नियम, 2020 की सांविधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की है।