सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है। जानकारी के अनुसार इसमें सुप्रीम कोर्ट ने तीन पहलुओं पर विचार किया है। इनमें पहला केंद्र की याचिका है जिसमें एजीआर के भुगतान के लिए 20 साल का समय देने की मांग की गई है। भारती और वोडा-आइडिया ने 15 साल में भुगतान की अनुमति मांगी है।
अदालत ने जिस दूसरे पहलू पर विचार किया है वह यह है कि क्या स्पेक्ट्रम या उसका इस्तेमाल करने का अधिकार हस्तांतरित या बेचा जा सकता है। तीसरा पहलू यह रहा कि आरकॉम का स्पेक्ट्रम इस्तेमाल करने पर जियो और वीडियोकॉन व एयरसेल का स्पेक्ट्रम इस्तेमाल करने पर एयरटेल उनकी देयता के आधार पर अतिरिक्त देयता के तहत आएंगे या नहीं।
इससे पहले 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने दिवालिया कार्यवाही का सामना कर रही निजी दूरसंचार कंपनियों के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) से संबंधित बकाया राशि के बारे में केंद्र सरकार से पूरा ब्योरा मांगा था। जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ ने दूरसंचार विभाग के सचिव को एजीआर बकाये के बारे में व्यापक हलफनामा देने को कहा था।