घने वन क्षेत्र और इको सेंसेटिव जोन में खनन के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और कई राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है।
चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने वकील प्रशांत भूषण के माध्यम से सुधीर श्रीवास्तव द्वारा दायर जनहित याचिका पर केंद्र व राज्यों से जवाब तलब किया है। याचिका में घने वन क्षेत्रों में कोयला खदान की नीलामी पर आपत्ति जताते हुए कहा गया है कि यह सतत विकास के सिद्धांतों के बिल्कुल विपरीत है।
इस तरह के क्षेत्रों में बहुत कम कोयला खदान हैं। याचिका में कहा गया कि घने वन क्षेत्रों में कुल कोयला खदानों का महज 15 फीसदी खदान हैं। बाकी 85 फीसदी खदानों से अगले 50-60 वर्षों की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। ऐसे में वन क्षेत्र व इको सेंसेटिव जोन में कोयला खदानों की नीलामी उचित नहीं है।