उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को डीजीपी की नियुक्ति के संबंध में पंजाब, केरल, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और बिहार सरकार द्वारा दायर की गई याचिकाओं को खारिज कर दिया है। ये राज्य चाहते हैं कि डीजीपी की नियुक्ति आंतरिक राज्य समिति के जरिए की जानी चाहिए न कि यूपीएससी के जरिए।
इससे पहले राज्यों ने याचिका दाखिल कर कहा था कि डीजीपी के चयन एवं नियुक्ति के संबंध में स्थानीय कानूनों का क्रियान्वयन होना चाहिए।
मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने यूपीएससी सेक्रेटरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और अगर डीजीपी की नियुक्ति के लिए कमिशन ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल तैयार किया है, तो उसकी जानकारी देने को कहा था।
कोर्ट ने ये निर्देश तब दिया जब वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि यूपीएससी ने वरिष्ठ आईपीएस अफसरों की लिस्ट तैयार नहीं की है। इस लिस्ट को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने तैयार किया है।
इससे पहले 2006 में प्रकाश सिंह के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यूपीएससी वरिष्ठ आईपीएस अफसरों का एक पैनल तैयार करेगा जिसमें से राज्य डीजीपी का चुनाव कर सकते हैं।