फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: राज्य चुनाव आयोग के खिलाफ दायर PIL सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज, कहा- यह प्रचार हित याचिका

Mon, 11 Aug 2025 02:53 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

घनश्याम दयालु उपाध्याय ने जनहित याचिका दायर करके राज्य चुनाव आयोगों (एसईसी) को राजनीतिक दलों की कथित अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। 
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राज्य चुनाव आयोग के खिलाफ दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह जनहित से ज्यादा प्रचार हित याचिका है। जनहित याचिका में राज्य चुनाव आयोगों (एसईसी) को राजनीतिक दलों की कथित अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई थी। 
विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने कहा कि जनहित याचिकाएं आवश्यक हैं, लेकिन जनहित याचिकाओं के नाम पर हम प्रचार हित याचिकाओं की अनुमति नहीं दे सकते। ऐसी याचिका देश की संप्रभुता, अखंडता और एकता को कमजोर कर सकती हैं।

ये भी पढ़ें: तेलंगाना हाईकोर्ट के जज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी पर शीर्ष अदालत नाराज, कहा- माफी मांगें वकील और वादी
विज्ञापन


इसके अलावा पीठ ने सीधे सर्वोच्च न्यायालय से संपर्क करने की प्रथा पर भी नाराजगी जताई। मुख्य न्यायाधीश ने केंद्र और चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका दायर करने वाले घनश्याम दयालु उपाध्याय से पूछा कि क्या इसे बॉम्बे हाईकोर्ट में नहीं उठाया जा सकता? यह एक प्रचार हित याचिका के अलावा और कुछ नहीं है। हालांकि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जनहित याचिकाएं जरूरी हैं, लेकिन यह याचिका केंद्र या चुनाव आयोग के नीतिगत मामलों से संबंधित है और अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सुप्रीम कोर्ट जाने का औचित्य नहीं रखती।

इसके बाद पीठ ने जनहित याचिका वापस लेने और वैकल्पिक उपाय अपनाने की अनुमति दे दी। याचिका में सभी राज्य चुनाव आयोगों को देश भर में राजनीतिक दलों की गैरकानूनी गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें रोकने के लिए एक संयुक्त योजना तैयार करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर में रखें, अड़ंगा डालने वालों पर कार्रवाई करें', सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

वकील पर नाराज हुए मुख्य न्यायाधीश
सुनवाई के अंत में मुख्य न्यायाधीश याचिकाकर्ता के वकील से नाराज हो गए। उन्होंने वकील से कहा कि मुझे ये इशारे मत दिखाओ। मुझे बॉम्बे हाईकोर्ट में जो हुआ था, उसकी याद मत दिलाओ। मैंने तुम्हें पहले भी अवमानना से बचाया है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें