सुप्रीम कोर्ट ने असम के विपक्षी नेता की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में चुनाव आयोग द्वारा राज्य की 126 विधानसभा और 14 लोकसभा सीटों के परिसीमन के मसौदा प्रस्ताव को चुनौती दी गई है। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से हलफनामा दाखिल करने को कहा है। इसके लिए कोर्ट ने केंद्र को तीन हफ्तों को समय दिया है।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने असम में शुरू की गई परिसीमन प्रक्रिया पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वह राज्य में परिसीमन प्रक्रिया के संबंध में कोई और कदम उठाने के लिए चुनाव आयोग को रोकने वाला कोई आदेश जारी नहीं करेगा।
क्या है मामला?
दरअसल, असम में विपक्षी दल ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव के मसौदे को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। एआईयूडीएफ ने राज्य विधानसभा और लोकसभा के निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन से संबंधित प्रस्ताव के मसौदे का विरोध किया और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
इस दलील के आधार पर लगाई याचिका
एआईयूडीएफ के संगठन महासचिव और विधायक अमीनुल इस्लाम ने बताया कि 2008 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दौरान संबद्ध अधिनियमों में संशोधनों के कारण परिसीमन आयोग के बजाय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को इस कवायद की जिम्मेदारी दी गई। हमने आयोग को यह शक्ति प्रदान करने से संबंधित संशोधनों को चुनौती दी है।