सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नीट (यूजी) 2019 परीक्षा में कुछ प्रश्नों की गलत उत्तर कुंजी खारिज करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। साथ ही हैदराबाद के जिन चार छात्रों ने याचिका दायर की थी, उन्हें हाईकोर्ट का रुख करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि अदालतें हरेक मामले की विशेषज्ञ नहीं हैं और अब वक्त आ गया है जब इस क्षेत्र में दखल बंद होनी चाहिए।
जस्टिस अजय रस्तोगी और सूर्यकांत की अवकाशपीठ ने चारों मेडिकल अभ्यर्थियों को याचिका वापस लेने की इजाजत दी और उच्च अदालत जाने को कहा। छात्रों की ओर से पेश हुए वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि नेशनल टैस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने गलत उत्तर कुंजी दी थी। उन्होंने बताया कि चार-चार अंकों वाले पांच सवालों के एक से ज्यादा जवाब सही थे या उनका उत्तर एनटीए द्वारा जारी की गई उत्तर कुंजी से अलग था।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम विशेषज्ञ नहीं हैं और हमें लगता है कि दायरा खींचने की जरूरत है। कोर्ट ने कहा उत्तर कुंजी पर दखल का मतलब होगा कि वह एनटीए से ऊपर हो गया है। इससे पहले गुरुवार को शीर्ष अदालत ने मेडिकल अभ्यर्थियों की याचिका सुनवाई पर सहमति दी थी।