उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को उस याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया जो सांसदों के संसद न आने को लेकर दाखिल की हुई थी। अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह अध्यक्ष के पास जाएं। अदालत ने याचिकाकर्ता अनिल दत्त शर्मा को याचिका वापस लेने और अध्यक्ष के समक्ष प्रतिनिधित्व करने की स्वतंत्रता दे दी है।