सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है जिसमें छह से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए ‘एक देश एक पाठ्यक्रम’ या ‘एक देश एक शिक्षा बोर्ड’ की मांग की गई थी। याचिका भाजपा नेता व वकील अश्विनी उपाध्याय ने दायर की थी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वकील अश्विनी उपाध्याय की ओर से कहा गया कि बच्चों को मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, राज्य के नीति निर्देशक तत्वों आदि भारतीय संविधान की मूल चीजें पढ़ाई जानी चाहिए। इस पर पीठ ने उपाध्याय से कहा कि कोरोना काल में ऐसे ही बच्चों का बोझ कम करने की कोशिश की जा रही है और आप बच्चों के बस्ते का बोझ बढ़ाना चाह रहे हैं।