भाजपा से मिली राष्ट्रीय दल की मान्यता को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने से इनकार कर दिया। याचिका दिल्ली विश्वविद्यालय केपूर्व शिक्षक की ओर से दायर की गई थी। चीफ जस्टिस रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय ने यह कहते हुए याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है कि इसमें कोई आधार नहीं है।
याचिकाकर्ता पूर्व शिक्षक देवेन्द्र कुमार ने इस आधार पर भाजपा से राष्ट्रीय दल की मान्यता वापस लेने की गुहार की थी कि भाजपा, निर्वाचन आयोग के आचार-संहिता का उल्लंघन कर रही है। याचिका में कहा गया कि चुनाव आयोग के अक्टूबर 2016 की अधिसूचना के मुताबिक, कोई भी राजनीतिक पार्टी सरकारी खर्चे से अपनी पार्टी और चुनाव चिह्न का प्रचार-प्रसार कर रही है।
याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग के गत वर्ष जून केउस आदेश को भी चुनौती दी है जिसमें भाजपा से राष्ट्रीय दल की मान्यता वापस लेने की शिकायत को नकार दिया गया था।