सुप्रीम कोर्ट ने गत एक फरवरी के अंतरिम बजट को निरस्त करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका में कहा गया कि अंतरिम बजट का संविधान में कोई प्रावधान नहीं है।
चीफ जस्टिस रंजन गोगई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने वकील एमएल शर्मा द्वारा दाखिल इस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। याचिका में कहा गया था कि संविधान में सिर्फ पूर्ण वार्षिक बजट और लेखानुदान का प्रावधान है।
लेकिन सरकार ने आगामी चुनाव को देखते हुए अंतरिम बजट जारी किया, जो संविधान के अनुरूप नहीं है, लिहाजा इसे खारिज किया जाना चाहिए। चुनाव के मद्देनजर लेखानुदान की अनुमति ली जानी चाहिए और नई सरकार के आने के बाद वार्षिक बजट जारी किया जाता है।