सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें याचिकाकर्ता ने चीनी कंपनियों की मदद से चल रहे फर्जी लोन एप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को इस सबंध में केंद्र सरकार के समक्ष प्रतिवेदन देने के लिए कहा है।
चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि कई मोबाइल बेस्ड एप कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन के दौरान सक्रिय हो गए थे। भोले-भाले लोगों को लोन के नाम पर फंसाया गया। साथ ही यह देश की सुरक्षा खतरे में पड़ने का मामला है।
वित्तीय लोन देने के लिए आरबीआई से कोई इजाजत नहीं ली गई थी। उन्होंने कहा कि यह गंभीर और संवेदनशील मामला है। इस पर चीफ जस्टिस ने वकील से कहा कि यह न्यायिक दखल का मामला नहीं है। आप वित्त और गृह मंत्रालय को इसके लिए प्रतिवेदन दें।