सपा नेता व उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री गायत्री प्रजापति को सुप्रीम कोर्ट ने किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह अपने पूर्व के आदेश में किसी तरह का बदलाव नहीं करेगी। साथ ही शीर्ष अदालत ने इस बात को दुखद बताया कि 20 फरवरी के उसके आदेश को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।
मालूम हो कि एक महिला द्वारा प्रजापति के खिलाफ बलात्कार की शिकायत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद यूपी पुलिस ने प्रजापति के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज कर लिया था। प्रजापति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर 20 फरवरी का आदेश वापस लेने की गुहार की थी।
न्यायमूर्ति एके सिकरी की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने सोमवार को कहा कि उन्होंने गायत्री प्रजापति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा था। पीठ अपने इस आदेश में कोई बदलाव नहीं करेगी। प्रजापति की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि एफआईआर दर्ज करने के बाद उनके मुवक्किल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया है।