सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सिंधु नदी समझौते को असंवैधानिक करार देने की गुहार की गई है। याचिका में कहा कि 1960 में हुई तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा की गई यह संधि असंवैधानिक है। याचिका वकील एमएल शर्मा द्वारा दाखिल की गई है।
याचिकाकर्ता एमएल शर्मा ने इस याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए सोमवार को चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष उल्लेख किया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसमें जल्द सुनवाई की कोई दरकार नहीं है।
पीठ ने कहा कि यह संधि 1960 में हुई और इसे हुए 56 वर्ष हो गए हैं, ऐसे में याचिका पर जल्द सुनवाई का कोई कारण नहीं दिखता। पीठ ने कहा कि याचिका पर सामान्य प्रक्रिया के तहत सुनवाई होगी। मालूम हो कि उरी पर हुए आंतकी हमले के बाद चर्चा हो रही है सिंधु नदी संधि को निरस्त कर दिया जाना चाहिए। इसी मसले पर प्रधानमंत्री ने सेमवार को अहम बैठक भी की है।