केरल सरकार को भी लगाई थी फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई, 2017 में ऑर्थोडॉक्स गुट को 1934 मलंकारा चर्च दिशानिर्देशों अनुसार मलंकारा चर्च के तहत आने वाले 1100 चर्च का प्रशासनिक अधिकार दिया था। इससे पहले, जुलाई में जस्टिस अरुण मिश्रा ने आदेश में हस्तक्षेप करने पर केरल सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने मुख्य सचिव को समन जारी कर चेतावनी दी थी कि अगर मामले में हस्तक्षेप किया गया तो उन्हें जेल भेजा जाएगा।
केरल हमारे आदेश न मानने के लिए जाना जाता है : सुप्रीम कोर्ट
कोच्चि में पांच अवैध अपार्टमेंट कांप्लेक्स नहीं ढहाने पर सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार की खिंचाई करते हुए कहा कि राज्य अब उसके आदेशों को नहीं मानने के लिए जाना जाता है। कोच्चि के मराडू में कोस्टल रेगुलेशन जोन अधिसूचना का उल्लंघन करते हुए इन अपार्टमेंट का निर्माण किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई को इन्हें ढहाने का आदेश दिया था।
जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने शुक्रवार को आदेश का पालन नहीं होने पर नाराजगी जताई। पीठ ने केरल सरकार के वकील ने कहा, आपका राज्य हमारे आदेशों को पालन नहीं करने के लिए जाना जाता है। अब हम एक मिसाल कायम करना चाहते हैं। पीठ ने केरल सरकार को 20 सितंबर तक आदेश का पालन करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि अगर कंप्लीशन रिपोर्ट दाखिल नहीं होती है तो मुख्य सचिव को 23 सितंबर को पेश होना होगा।