फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट का हरियाणा सरकार से सवाल, अली खान महमूदाबाद मामले में उदारता दिखाने का दिया संकेत

Tue, 06 Jan 2026 11:35 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार से कहा कि वह चाहे तो अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति न देने पर उदारता से विचार कर सकती है। मामला ऑपरेशन सिंदूर पर सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। कोर्ट ने साफ किया कि राहत मिलने पर प्रोफेसर को भविष्य में जिम्मेदार व्यवहार करना होगा।

विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार से कहा कि वह चाहे तो उदारता दिखाते हुए अशोका विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति न देने पर विचार कर सकती है। महमूदाबाद के खिलाफ यह मामला ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में किए गए सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर सरकार ऐसी उदारता दिखाती है, तो महमूदाबाद को भी भविष्य में जिम्मेदार आचरण करना होगा।

विज्ञापन


चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने पूछा कि क्या सरकार अभियोजन की स्वीकृति देने के पक्ष में नहीं है। हरियाणा सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने बताया कि अभियोजन स्वीकृति का मामला अभी लंबित है, जबकि चार्जशीट 22 अगस्त 2025 को दायर की जा चुकी है। इस पर पीठ ने पूछा कि स्वीकृति कितने समय से लंबित है।

ये भी पढ़ें:- Donald Trump: भारत-अमेरिका रिश्तों पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- पीएम मोदी मुझसे खुश नहीं...
विज्ञापन


सीजेआई ने और क्या कहा?
इसके साथ ही सीजेआई ने मौखिक रूप से कहा कि अगर राज्य सरकार उदारता दिखाते हुए अभियोजन स्वीकृति न देने का निर्णय लेती है, तो अदालत मामले के मेरिट में जाने की आवश्यकता नहीं समझेगी। ऐसा होने पर यह अपेक्षा भी रहेगी कि प्रोफेसर महमूदाबाद भविष्य में बहुत जिम्मेदारी के साथ सार्वजनिक बयान दें और यह न समझें कि मामला समाप्त होते ही वे कुछ भी लिखने के लिए स्वतंत्र हो गए हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- School Closed in UP: भीषण सर्दी के बीच आया नया आदेश, इन कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों की 10 जनवरी तक छुट्टी

वहीं महमूदाबाद की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस पर सहमति जताई। एएसजी राजू ने राज्य सरकार से इस संबंध में स्पष्ट निर्देश लेने के लिए समय मांगा। जिसके बाद अदालत ने मामला छह सप्ताह बाद के लिए सूचीबद्ध किया और कहा कि तब तक अंतरिम आदेश लागू रहेगा।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें