जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने 31 मई, 2022 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ आईआरएस अधिकारी कैप्टन प्रमोद कुमार बजाज की याचिका को स्वीकार कर लिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय राजस्व सेवा के एक अधिकारी को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त करने के केंद्र के सितंबर, 2019 के फैसले को रद्द कर दिया है। शीर्ष अदालत ने फैसले में कहा है कि केंद्र का आदेश जनहित परीक्षण को पूरा करने में विफल रहा है।
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जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने 31 मई, 2022 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ आईआरएस अधिकारी कैप्टन प्रमोद कुमार बजाज की याचिका को स्वीकार कर लिया है। हाईकोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट), प्रधान पीठ के दिसंबर 2020 के फैसले को बरकरार रखा था।
कैट ने बजाज को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त करने के निर्णय को सही ठहराया था। पिछले दिनों दिए इस निर्णय में पीठ ने कहा है कि इस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्ति के आदेश को बरकरार नहीं रखा जा सकता है।