ओआरओपी : स्वीकार नहीं की जाएंगी पेंशन वृद्धि सिफारिशें
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने बताया कि उसने वन रैंक वन पेंशन योजना (ओआरओपी) के अनुसार सेना के सेवानिवृत्त नियमित कैप्टनों की पेंशन में 10 फीसदी की वृद्धि करने की सिफारिशों को स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है। शीर्ष अदालत कोच्चि स्थित सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) के सात दिसंबर, 2021 के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र की अपील पर सुनवाई कर रही थी। एएफटी के आदेशानुसार, केंद्र सरकार को सेवानिवृत्त नियमित कैप्टनों को देय पेंशन पर निर्णय लेना था।
सीजेआई जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस मनमोहन की पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि हम सिफारिशों को स्वीकार नहीं करेंगे। इसके बाद पीठ ने एम गोपालन नायर समेत सेवानिवृत्त सेना कैप्टनों के वकील से कहा कि वे सिफारिशों को स्वीकार न किए जाने को चुनौती दें, क्योंकि ऐसे मामलों में समय की बहुत अहमियत होती है। ये कैप्टन बढ़ी हुई पेंशन के लिए लड़ रहे हैं। पूर्व सैन्य अधिकारियों के वकील ने निर्देश लेने के लिए समय मांगा। पीठ ने समय देते हुए अगली सुनवाई 12 दिसंबर तय कर दी।