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'चुनाव का एक हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाता है': असम सीएम हिमंत के वीडियो को लेकर दायर याचिका पर बोले CJI

Tue, 10 Feb 2026 11:54 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक विवादित बयान और वीडियो को लेकर सियासत गरमा गई है। ऐसे में अब माकपा सीएम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने एक समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है। आइए जानते हैं कोर्ट ने मामले में क्या टिप्पणी की? 

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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान और एक वीडियो विवाद ने पूरे राज्य की सियासत में गर्माहट तेज कर दी है। ऐसे में अब इस पूरे मामले में सीएम सरमा के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआई(माकपा) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ने एक विशेष समुदाय के खिलाफ भेदभावपूर्ण और आपत्तिजनक बयान दिए हैं। इस मामले को वरिष्ठ वकील निजाम पाशा ने सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई के लिए उठाया।

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इस दौरान वकील निजाम पाशा ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री का भाषण बेहद परेशान करने वाले हैं। उन्होंने कोर्ट को एक हालिया वीडियो का भी हवाला दिया, जिसमें मुख्यमंत्री को एक खास समुदाय के लोगों की ओर बंदूक से निशाना लगाते हुए दिखाया गया है। वकील ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया जाए और उचित निर्देश दिए जाएं।

आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट का रुख
सीएम सरमा पर लगाए गए इन आरोपों पर मुख्य न्यायाधीश सीजेआई ने प्रतिक्रिया देते कहा कि चुनाव के समय ऐसे मामलों का अदालत में आना आम बात है। उन्होंने टिप्पणी की कि जब चुनाव आते हैं, तो चुनाव का एक हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाने लगता है। यही समस्या है। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हम इस पर विचार करेंगे। मुख्य न्यायाधीश की इस टिप्पणी का मतलब है कि कोर्ट इस याचिका को देखेगा और मामले की जांच करेगा। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह इस याचिका पर आगे फैसला करेगा।
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समझिए क्या है वीडियो विवाद?
बता दें कि यह विवाद उस वीडियो से जुड़ा है, जिसे असम भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से बीते शनिवार को पोस्ट किया गया था। वीडियो में मुख्यमंत्री हिमंत सरमा को राइफल से निशाना लगाकर गोली चलाते हुए दिखाया गया। वीडियो में दो लोग नजर आए, जिनमें से एक ने टोपी पहन रखी थी और दूसरे की दाढ़ी थी। वीडियो के साथ लिखा गया था- 'प्वाइंट ब्लैंक शॉट'। इस वीडियो को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद इसे हटा दिया गया।
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वीडियो विवाद पर सीएम सरमा की सफाई

इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने कहा कि उन्हें किसी भी वीडियो की जानकारी नहीं है। उन्होंने डिब्रूगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मुझे किसी वीडियो के बारे में कुछ नहीं पता। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हैदराबाद में दर्ज किसी शिकायत की भी जानकारी नहीं है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अगर मेरे खिलाफ कोई मामला दर्ज हुआ है, तो मुझे गिरफ्तार कर लिया जाए। मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं जेल जाने को भी तैयार हूं। उन्होंने यह भी कहा कि वह बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ हैं और हमेशा रहेंगे। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर आगे सुनवाई की तारीख तय करेगा और पूरे मामले की जांच करेगा।

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