दाखिला पाने में असफल रहे छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इन छात्रों के पक्ष को सही ठहराते हुए आखिरी तारीख (31 अगस्त) में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया है। कोर्ट ने कहा कि आखिरी तारीख से पहले दाखिले के लिए न पहुंच पाने में इन छात्रों की कोई गलती नहीं है। दाखिले के बारे में जानकारी मिलते ही ये छात्र बिना किसी देरी से कॉलेज पहुंचे थे।
एम्स, दिल्ली की ओर से पेश वकील दुष्यंत पाराशर ने कहा कि आखिरी तारीख 31 अगस्त होने के कारण संस्थान ने इन छात्रों को दाखिला नहीं दिया लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कॉलेजों को ऐसे छात्रों को सात अक्तूबर तक दाखिले देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पाया कि पिछले वर्ष भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली थी। लिहाजा इस परेशानी को सदा के लिए दूर करने के लिए कोर्ट ने केंद्र सरकार को ऐसे छात्रों के दाखिले की अनुमति 15 दिन एडवांस में देने का निर्देश दिया है, जिससे छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।