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सुप्रीम कोर्ट का आदेश, अपनी विदेशी संपत्तियों का पूरा ब्यौरा दे विजय माल्या

Wed, 26 Oct 2016 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली 
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विजय माल्या - फोटो : Getty
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सुप्रीम कोर्ट ने प्रथम दूष्टया पाया है कि अदालती निर्देश के बावजूद उद्योगपति विजय माल्या ने अपनी विदेशी संपत्तियों का पूरी तरह से खुलासा नहीं किया है। शीर्ष अदालत ने माल्या को चार हफ्ते के भीतर विदेशी संपत्तियों का पूर्ण व विस्तृत विवरण देने के लिए कहा है। शीर्ष अदालत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले 13 बैंकों के समूह द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही है। बैंकों के समूह का कहना है कि अदालती आदेश केबावजूद माल्या ने अपनी संपत्तियों का पूरा ब्योरा नहीं दिया है। माल्या पर बैंकों का करीब 9000 करोड़ रुपये बकाया है। 
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न्यायमूर्ति कूरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति रोहिंग्टन एफ नरीमन की पीठ ने साथ ही माल्या को विदेशी संपत्तियों के अलावा तमाम बैंक खातों का विस्तृत विवरण देने के लिए कहा है। साथ ही पीठ ने माल्या से यह भी बताने के लिए कहा है कि गत 26 फरवरी को शराब कंपनियों को बेचकर प्राप्त हुए 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर का क्या हुआ। पीठ ने पाया इस 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बारे में माल्या चुप है। गत 31 मार्च को अपनी संपत्तियों के बारे में दी गई जानकारी में इस रकम का जिक्र नहीं है। पीठ ने इस पर आश्चर्य व्यक्त किया कि आखिर 40 दिनों के भीतर 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर कहां गए। माल्या ने इसके बारे में कुछ भी नहीं बताया। 

सुनवाई के दौरान माल्या की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने पीठ से कहा कि उनके मुवक्किल ने अदालती आदेश की अवमानना नहीं की है। उन्होंने कहा कि जब संपत्तियों का खुलासा किया गया था तब तक 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च हो चुके थे। यहीं कारण है कि उसका जिक्र नहीं किया गया। वहीं बैंकों केसमूह की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि माल्या ने संपत्तियों के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि माल्या ने स्विस बैंक में रकम छुपा रखी है। अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी।
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