सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं को देशभर की मस्जिदों में प्रवेश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया है कि महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध असांविधानिक, लैंगिक न्याय और समानता के अधिकार का उल्लंघन है। इसमें महिलाओं को प्रवेश देने की इजाजत मांगी गई है।
चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ इस मामले में महिलाओं को मस्जिदों में प्रवेश से रोकने के लिए जारी फतवे को दरकिनार करते हुए सुनवाई के लिए सहमत हो गई। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई करते हुए पीठ ने इस मामले में केंद्र के अलावा अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री, राष्ट्रीय महिला आयोग और ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड को भी नोटिस देकर जवाब मांगा है।
यह याचिका पुणे की एक मुस्लिम महिला ने दायर की है। महिला ने सांविधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि मजहब, जाति, जन्मस्थान या लैंगिक आधार पर किसी नागरिक के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।