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SC: सार्वजनिक स्थानों पर फीडिंग, चाइल्ड केयर रूम की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस

Fri, 21 Oct 2022 02:36 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सर्वोच्च न्यायालय ने माताओं द्वारा बच्चों को फीडिंग कराने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर चाइल्डकैअर रूम के निर्माण की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों पर फीडिंग, चाइल्ड केयर रूम और शिशुओं एवं माताओं से संबंधित किसी भी अन्य सुविधा के निर्माण की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह याचिका गैर सरकारी संगठन मातृ स्पर्श द्वारा दायर की गई है।  याचिकाकर्ता मातृ स्पर्श, अव्यान फाउंडेशन  एक गैर सरकारी संगठन है जो सार्वजनिक स्थानों पर फीडिंग रूम, चाइल्ड केयर रूम और क्रेच स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नेहा रस्तोगी, अनिमेष रस्तोगी और अभिमन्यु श्रेष्ठ पेश हुए।

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 फीडिंग रूम और चाइल्ड केयर रूम आज के परिदृश्य में बहुत महत्वपूर्ण
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नेहा रस्तोगी, अनिमेष रस्तोगी और अभिमन्यु श्रेष्ठ ने फीडिंग रूम बनाने की पैरवी करते हुए कहा कि  सभी सार्वजनिक स्थानों पर फीडिंग रूम और चाइल्ड केयर रूम आज के परिदृश्य में बहुत महत्वपूर्ण हैं जब महिलाएं रोजगार के लिए इतनी बड़ी संख्या में बाहर निकल रही हैं। अधिवक्ता ने कहा कि यह सब अब बुनियादी सुविधाएं हैं और यह इसलिए भी जरूरी है ताकि महिलाएं गरिमा के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सकें। 

निजता और गरिमा के साथ बच्चे की देखभाल करना हर महिला का मौलिक अधिकार
याचिका में कहा गया है कि निजता और गरिमा के साथ बच्चे की देखभाल करना हर एक महिला का मौलिक अधिकार है जिसका हर बार उल्लंघन किया जा रहा है क्योंकि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बच्चों के लिए फीडिंग रूम और चाइल्ड केयर रूम जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है।
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सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टर पर हमले से जुड़ी याचिका पर जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देश में डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा पेशेवरों पर बढ़ते हमले का आरोप लगाने वाली याचिकाओं पर केंद्र और अन्य से जवाब मांगा। मुख्य न्यायाधीश उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने दिल्ली डॉक्टर्स फोरम, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और डॉक्टर सुनीत कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिकाओं पर नोटिस जारी किया। याचिकाओं में देश में चिकित्सा पेशेवरों पर बढ़ते हमले का आरोप लगाया गया और केंद्र और अन्य हितधारकों को उपचारात्मक कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई। उपाध्याय की पत्नी स्त्री रोग विशेषज्ञ अर्चना शर्मा ने राजस्थान में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत के बाद भीड़ द्वारा परेशान किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी। 

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