सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई, जिसमें हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का पंजीकरण रद्द करने की मांग की गई। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी और साथ ही उन्हें नई याचिका दायर करने की भी अनुमति दी, जिसमें देश में राजनीतिक पार्टियों के मामले में संशोधन की मांग की जाएगी।
याचिकाकर्ता का दावा- पार्टी धर्मनिरपेक्षता सिद्धांत का उल्लंघन करती है
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी एआईएमआईएम का चुनाव आयोग में पंजीकरण रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में तिरुपति नरसिम्हा मुरारी नामक व्यक्ति ने याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि एआईएमआईएम ने अपने उद्देश्य में बताया है कि यह पार्टी मुस्लिम समुदाय की सेवा करना चाहती है। ऐसे में इस पार्टी को जनप्रतिनिधि कानून की धारा 29ए के तहत मान्यता नहीं दी जा सकती क्योंकि यह देश के धर्मनिरपेक्षता सिद्धांत का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ वकील विष्णु शंकर जैन अदालत में पेश हुए।