सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के अलावा जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्याकांत शामिल रहे।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस सुधीर सिंह का तबादला पटना हाईकोर्ट से पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट करने की सिफारिश दोहराई है। बीती तीन अगस्त को हुई सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक में जस्टिस सुधीर सिंह के तबादले की सिफारिश की गई थी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के अलावा जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्याकांत शामिल रहे।
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23 जजों के तबादले की की गई है सिफारिश
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की तीन अगस्त की सिफारिश के बाद जस्टिस सुधीर ने प्रतिवेदन दिया था। प्रतिवेदन पर विचार के बाद कॉलेजियम ने जस्टिस सिंह के तबादले की सिफारिश दोहराई है। बता दें कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के विभिन्न हाईकोर्ट्स में 23 जजों के तबादले की सिफारिश की है। गुजरात हाईकोर्ट के चार, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चार और इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक जज का तबादला किया गया है। जिन जजों का तबादला किया गया है, उनमें गुजरात हाईकोर्ट के जज हेमंत एम प्रच्छक का नाम भी शामिल है। बता दें कि मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी की सजा बरकरार रखने का आदेश जस्टिस प्रच्छक ने ही दिया था।
कैसे काम करता है सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम
कॉलेजियम भारत के मुख्य न्यायाधीश के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठतम जजों का समूह होता है। जजों की नियुक्ति और तबादलों की सरकार से सिफारिश कॉलेजियम ही करता है। सरकार से मंजूरी मिल जाने के बाद जजों की नियुक्ति की जाती है। कॉलेजियम द्वारा भेजे नामों पर सरकार आपत्ति उठा सकती है और स्पष्टीकरण बी मांग सकती है लेकिन अगर कॉलेजियम उन्हीं नामों को दोहराता है तो सरकार सिफारिश मानने के लिए बाध्य होती है।