जांच और दंडित करने संबंधी एनएफआरए की शक्तियां जांचेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट चार्टर्ड अकाउंटेंट और अकाउंटिंग फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी करने, जांच करने और कदाचार के लिए दंडित करने की शक्ति के बारे में राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) की याचिका पर विचार करने के लिए सहमत हो गया। एनएफआरए ने 7 फरवरी को दिए गए एक फैसले में दिल्ली हाईकोर्ट के कुछ निर्देशों पर आपत्ति जताते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया।
हाईकोर्ट ने कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 132 (4) की वैधता को बरकरार रखा, जो एनएफआरए को किसी भी ऑडिट के संबंध में व्यक्तिगत भागीदारों और सीए के साथ-साथ ऑडिटिंग फर्मों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का अधिकार देता है। हालांकि, इस फैसले में कई ऑडिटिंग फर्मों, जैसे डेलॉइट हास्किन्स एंड सेल्स एलएलपी और फेडरेशन ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एसोसिएशन को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को इस आधार पर रद्द कर दिया कि एनएफआरए की ओर से अपनाई गई प्रक्रिया में स्पष्ट रूप से तटस्थता और निष्पक्ष मूल्यांकन के गुणों का अभाव था।
बिहार सरकार व आईपीएस अधिकारी को सुप्रीम नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएस अधिकारी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने वाले पटना हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ बिहार पुलिस की महिला अधिकारी की याचिका पर विचार करने को सहमत हो गया। महिला ने आरोप लगाया है कि उसने शादी का झूठा वादा करके उसके साथ दुष्कर्म किया था। कोर्ट ने मामले की सुनवाई अगले महीने 24 मार्च को तय की है।
जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने मामले में बिहार सरकार और आईपीएस अधिकारी पुष्कर आनंद को नोटिस जारी किया है। महिला वर्तमान में पटना सीआईडी में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद पर तैनात है। महिला की ओर से पेश वकील अश्विनी कुमार दुबे ने तर्क दिया कि 19 सितंबर, 2024 को पारित हाईकोर्ट का आदेश विकृत, किसी भी कानूनी योग्यता से रहित, मामले के तथ्यों से परे होने के अलावा स्थापित कानून के विपरीत था। महिला अधिकारी की शिकायत पर 29 दिसंबर 2014 को बिहार के कैमूर में महिला पुलिस स्टेशन में आईपीएस अधिकारी और उनके माता-पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। आनंद पर दुष्कर्म व आपराधिक धमकी के अलावा अन्य मामलों में मामला दर्ज किया गया था, जबकि उनके माता-पिता पर अपराध को बढ़ावा देने का मामला दर्ज किया गया था। महिला ने आरोप लगाया कि भभुआ में डिप्टी एसपी के पद पर ज्वाइन करने के दो दिन बाद, उस समय एसपी रहे आनंद ने सोशल मीडिया के जरिये उससे प्रेम-प्रसंग करना शुरू कर दिया। महिला ने बताया कि आनंद ने उससे शादी करने की इच्छा जताई, उसने भी ऐसा ही किया और दोनों के बीच शारीरिक संबंध बन गए। हालांकि, महिला ने बताया कि उनकी कुंडली मेल नहीं खाने के कारण शादी नहीं हो सकी।