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Supreme Court: एडीजीपी की गिरफ्तारी वाला हाईकोर्ट का आदेश खारिज, सीबी-सीआईडी करेगी जांच

Thu, 19 Jun 2025 01:09 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शीर्ष अदालत ने 18 जून को जयराम के निलंबन पर तमिलनाडु सरकार से सवाल पूछे थे। जयराम को मद्रास हाईकोर्ट ने गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार के वकील ने शीर्ष अदालत को बताया था कि अधिकारी को हिरासत में लिया गया था और मंगलवार शाम करीब 5 बजे रिहा कर दिया गया, लेकिन उसे निलंबित रखा गया।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) एचएम जयराम के खिलाफ जांच सीबी-सीआईडी को स्थानांतरित कर दी। इससे पहले प्रदेश सरकार ने कोर्ट से कहा था कि वह चाहती है कि एडीजीपी से जुड़े कथित अपहरण मामले की जांच पूरी होने तक उनका निलंबन जारी रहे।

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जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से कहा कि वह एडीजीपी से जुड़े मामलों को किसी अन्य पीठ को स्थानांतरित कर दें, क्योंकि पीठ ने हाईकोर्ट के उस निर्देश को खारिज कर दिया जिसमें पुलिस को जयराम को हिरासत में लेने को कहा गया था। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता के पास निलंबन आदेश का विरोध करने के लिए अपने उपाय हैं। हालांकि, विवादास्पद परिस्थितियों को देखते हुए, हमारा मानना है कि इस मामले की जांच सीबी-सीआईडी को सौंपी जानी चाहिए। पीठ ने यह भी कहा कि राज्य के वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे को इस पर कोई आपत्ति नहीं है।  

निलंबन आदेश को चुनौती दे सकते हैं एडीजीपी
जयराम के वकील ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश से पहले ऐसा कुछ नहीं हुआ था और उनके खिलाफ कोई जांच या एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। इसलिए राज्य की ओर से यह गलत है कि निलंबन आदेश हाईकोर्ट के समक्ष कार्यवाही से संबंधित नहीं था। हालांकि, पीठ ने कहा कि यदि निलंबन आदेश गलत है तो वरिष्ठ अधिकारी इसे उचित कार्यवाही में चुनौती दे सकते हैं।
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जयराम का निलंबन नियमों के तहत : प्रदेश सरकार
पीठ ने तमिलनाडु सरकार से पूछा था कि क्या वह जयराम के खिलाफ जांच विशेष शाखा या सीआईडी को सौंप सकती है। राज्य सरकार ने कहा था कि वह अपहरण मामले की जांच पूरी होने तक उनका निलंबन जारी रखना चाहती है।

दवे ने कहा कि एडीजीपी जयराम का निलंबन अपहरण मामले में 16 जून के आदेश के बाद नहीं हुआ, बल्कि उन पर अन्य आरोप भी थे। उन्होंने कहा कि जयराम का निलंबन नियमों के अंतर्गत है, क्योंकि उनके खिलाफ आपराधिक मामले की जांच लंबित है। इसके बाद पीठ ने अपहरण का मामला हाईकोर्ट के किसी अन्य न्यायाधीश को हस्तांतरित करने पर विचार किया। हालांकि दवे ने अपहरण मामले की सुनवाई कर रहे हाईकोर्ट के न्यायाधीश पर कोई टिप्पणी नहीं की।
 
पीठ ने सरकार से किया था सवाल-जवाब...
शीर्ष अदालत ने 18 जून को जयराम के निलंबन पर तमिलनाडु सरकार से सवाल पूछे थे। जयराम को मद्रास हाईकोर्ट ने गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार के वकील ने शीर्ष अदालत को बताया था कि अधिकारी को हिरासत में लिया गया था और मंगलवार शाम करीब 5 बजे रिहा कर दिया गया, लेकिन उसे निलंबित रखा गया। 16 जून को हाईकोर्ट ने पुलिस को 5 अप्रैल को एक लड़की और एक लड़के से जुड़े अपहरण मामले में जयराम को हिरासत में लेने का निर्देश दिया था। जयराम ने हाईकोर्ट के 16 जून के निर्देश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कहा गया था।

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