सेंथिल बालाजी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बीते महीने ईडी ने गिरफ्तार किया था। ईडी की कार्रवाई से सेंथिल बालाजी की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें चेन्नई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी और उनकी पत्नी मेगाला की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिका में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सेंथिल बालाजी की गिरफ्तारी बरकरार रखने के मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और मंत्री की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने अपनी दलीलें पूरी कीं। इसके बाद न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने कहा कि दलीलें सुन ली गई हैं। फैसला सुरक्षित रखा जाता है।
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अपनी दलीलें पेश करते हुए एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी की ओर से दलील दी गई कि कहा कि उसके पास आरोपी मंत्री को गिरफ्तार करने और हिरासत में पूछताछ करने के लिए आवश्यक शक्ति है। इसका मकसद सबूत इकट्ठा करना और उनकी वैधता सुनिश्चित करना होता है। दूसरी ओर वकील अमित आनंद तिवारी की मदद से रोहतगी ने कहा कि ईडी के पास धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत किसी आरोपी से हिरासत में पूछताछ करने का कोई निहित अधिकार नहीं है।
बालाजी हिरासत में पूछताछ करने से रोक रहे हैं : ईडी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट को बताया कि तमिलनाडु के मंत्री ईडी को हिरासत में पूछताछ करने के उसके अधिकार का प्रयोग करने से रोक रहे हैं। वे नौकरियों के बदले नकदी घोटाले में सच्चाई सामने लाने में रोड़े अटका रहे हैं।
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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने किया है गिरफ्तार
सेंथिल बालाजी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 जून को ईडी ने गिरफ्तार किया था। ईडी की कार्रवाई से सेंथिल बालाजी की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें चेन्नई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
ईडी द्वारा गिरफ्तारी को चुनौती दी
मेगाला ने मद्रास हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर सेंथिल बालाजी की ईडी द्वारा गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। हालांकि मद्रास हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए सेंथिल बालाजी को ईडी की न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया था।