सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र में आदिल शाही वंश के सेनापति अफजल खान के मकबरे के आसपास स्थित ढांचों को गिराने की मौजूदा प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। कोर्ट इस मसले पर आज सुनवाई करेगा।
प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने इस दलील का संज्ञान लिया कि अफजल खान के मकबरे को इस आधार पर ध्वस्त किया जा रहा है कि यह वन भूमि पर बने होने के कारण अवैध था। अफजल खान को 1659 के आसपास दफनाया गया था।
अफजल खान महाराष्ट्र के सतारा जिले में प्रतापगढ़ किले के पास मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के हाथों मारे गये थे और बाद में उनकी याद में एक मकबरा बनाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार तड़के विध्वंस की कवायद शुरू हुई और देर शाम तक चली।
फडणवीस ने गौरवशाली दिन करार दिया
सतारा जिला प्रशासन ने मकबरे के आसपास सरकारी जमीन पर बने अनधिकृत ढांचों को ध्वस्त कर दिया। अफजल खान सतारा जिले में प्रतापगढ़ किले के पास मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के हाथों मारा गया था। बाद में उसकी याद में वहां एक मकबरा बनाया गया था। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इन ढांचों को उच्च न्यायालय के आदेश के तहत ढहाया गया है। उन्होंने इसे गौरवशाली दिवस करार दिया।