सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में अपने 2010 के फैसले पर फिर से विचार करने का फैसला किया है। दस साल पहले शीर्ष अदालत ने माना था कि राज्य सरकार के पास केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच के मामलों में बरी होने के खिलाफ अपील दायर करने का कोई अधिकार नहीं है।
2011 में छत्तीसगढ़ सरकार ने हत्या के मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को बरी किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सीबीआई ने अमित जोगी को बरी किए जाने के मामले में निर्धारित अवधि के भीतर ऊपरी अदालत में चुनौती नहीं दी थी।
हालांकि, साल 2010 में शीर्ष अदालत की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने एक अंतरिम आदेश में लालू यादव के आय से अधिक संपत्ति के मामले में फैसला सुनाया था कि चारा घोटाले में सीबीआई को अधीनस्थ अदालत के आदेशों को चुनौती देने का अधिकार था और राज्य सरकार के पास नहीं था।