सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में दोषी सुखदेव यादव उर्फ पहलवान को तीन महीने की फरलो दी है। अदालत ने ध्यान दिया कि सुखदेव यादव बिना किसी छूट के 20 साल की सजा काट चुके हैं। ट्रायल कोर्ट उचित शर्तों के साथ फरलो देगी। 2002 में विकास यादव और विशाल यादव ने नीतीश कटारा का अपहरण कर हत्या कर दी थी, जिसका कारण भारती यादव से उनका प्रेम संबंध बताया गया था।
साल 2002 के चर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड में दोषी सुखदेव यादव उर्फ पहलवान को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने बुधवार को सुखदेव को तीन महीने की फरलो दी है. फरलो मतलब किसी कैदी को कुछ समय के लिए दी जाने वाली अस्थायी रिहाई होती है. कोर्ट ने कहा कि यादव ने बिना किसी राहत या माफी के 20 साल की सजा पूरी की है, इसलिए उन्हें फरलो का लाभ दिया जा सकता है।
विज्ञापन
जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि फरलो सजा में माफी नहीं होती, बल्कि यह लंबे समय से जेल में बंद कैदियों को अस्थायी रूप से बाहर जाने की अनुमति होती है। यह जेल से स्थायी रिहाई नहीं होती। अदालत ने निर्देश दिया कि सात दिन के भीतर सुखदेव यादव को ट्रायल कोर्ट में पेश किया जाए, जहां से जरूरी शर्तों के साथ फरलो पर छोड़ा जाएगा।
दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका की थी खारिज
सुखदेव यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट के नवंबर 2024 के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उसकी फरलो की याचिका खारिज कर दी गई थी। यादव ने कोर्ट से 3 हफ्तों की फरलो की मांग की थी, जिसे हाईकोर्ट ने नामंजूर कर दिया था।
दोनों आरोपियों की दी गई थी 25 साल की सजा
बता दें कि नीतीश कटारा हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2016 को विकास यादव और उनके चचेरे भाई विशाल यादव को 25-25 साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने साफ कहा था कि इन दोनों को सजा में किसी तरह की माफी नहीं दी जाएगी। वहीं, तीसरे दोषी सुखदेव यादव को 20 साल की सजा दी गई थी।
जानें क्या है पूरा मामला
यह मामला साल 2002 का है, जब नीतीश कटारा हत्याकांड का कथित तौर पर विकास यादव की बहन भारती यादव के साथ प्रेम प्रसंग था। इसी वजह से 16-17 फरवरी 2002 की रात नीतीश को एक शादी समारोह से अगवा किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। विकास यादव, विशाल यादव और सुखदेव यादव को इस सनसनीखेज हत्या में दोषी ठहराया गया था।
गौरतलब है कि भारती यादव उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता डीपी यादव की बेटी हैं। ट्रायल कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा था कि नीतीश की हत्या इसलिए की गई क्योंकि विकास और विशाल उसके रिश्ते को स्वीकार नहीं कर पाए। उन्होंने इसे जातीय भेदभाव और पारिवारिक प्रतिष्ठा का मामला मानते हुए नीतीश की निर्मम हत्या कर दी।