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SC Updates: जस्टिस सुजॉय पॉल होंगे कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश; सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की सिफारिश

Mon, 12 Jan 2026 05:32 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर) - फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस सुजॉय पॉल को कलकत्ता हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। कॉलेजियम की बैठक 9 जनवरी को हुई, जिसका नेतृत्व मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने किया। बैठक में जस्टिस सुजॉय पॉल की नियुक्ति पर चर्चा के बाद यह सिफारिश की गई।

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जस्टिस सुजॉय पॉल वर्तमान में कलकत्ता हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में तैनात हैं। उनके मूल उच्च न्यायालय मध्य प्रदेश में स्थित है। उनके न्यायिक अनुभव और कार्यक्षमता को देखते हुए यह नियुक्ति की सिफारिश की गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई यह सिफारिश अब राष्ट्रपति के अनुमोदन के लिए भेजी जाएगी। यदि नियुक्ति को मंजूरी मिलती है, तो जस्टिस सुजॉय पॉल कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

सोनम वांगचुक के मामले में सुनवाई भी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में आज राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका या एनएसए) के तहत जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े मामले में सुनवाई होगी। शीर्ष अदालत में दाखिल याचिका में उनकी पत्नी गीतांजली अंगमो ने एनएसए के तहत उनकी हिरासत को 'सत्ता का मनमाना प्रयोग' बताया है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन से संबंधित याचिकाएं भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। 
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महाराष्ट्र से जुड़ी दो याचिकाओं पर भी विचार
एक अन्य मामला महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण से संबंधित है। आरक्षण से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के अलावा आपराधिक मामले में गैंगस्टर अबू सलेम की याचिका पर भी सुनवाई होनी है। 

सुनवाई के लिए सूचीबद्ध एक अन्य अहम मामला 
इन मामलों के अलावा भारत की 1382 जेलों में कथित अमानवीय परिस्थितियों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। शीर्ष अदालत में आज सप्ताह के पहले ही दिन स्वतः संज्ञान वाली इस याचिका पर सुनवाई भी होनी है।

कोल घोटाला मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने सुनीना शर्मा को किया विशेष न्यायाधीश नियुक्त
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कोल घोटाला मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा की अधिकारी सुनीना शर्मा को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया है। इन मामलों की जांच CBI कर रही है। सीजेआई सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने यह नोट किया कि पहले से नियुक्त विशेष CBI न्यायाधीश संजय बंसल अप्रैल 2025 में छह महीने के लिए यह काम संभाल रहे थे। अब आठ महीने बीत जाने के बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी छोड़ने की इच्छा जताई है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने बंसल की जगह देने के लिए तीन नामों की सूची सुप्रीम कोर्ट को भेजी थी। कोर्ट ने सुनीना शर्मा को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया और कहा कि जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट इसे बदलने का विकल्प रखता है।

अब कौन करेगा सुनवाई
पहले न्यायाधीश अर्जुन भारद्वाज को अप्रैल 2025 में हटाया गया था और उनकी जगह धीरेज मोर को विशेष न्यायाधीश बनाया गया था। अब मोर और सुनीना शर्मा दोनों मिलकर सभी लंबित कोल घोटाला मामलों की सुनवाई करेंगे।

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा बढ़ाई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा दो हफ्ते बढ़ा दी। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने दिया। बता दें कि महाराष्ट्र निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने कोर्ट से अतिरिक्त समय मांगा था क्योंकि कुछ जिला परिषद और पंचायत चुनाव अभी भी बाकी हैं। पहले कोर्ट ने यह तय किया था कि चुनाव 31 जनवरी 2026 तक संपन्न होंगे, लेकिन एसईसी ने 10 और दिन का समय मांगा।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए दो हफ्ते की अतिरिक्त समय सीमा दी और यह निर्देश दिया कि सभी याचिकाओं को चुनाव के बाद सूचीबद्ध किया जाएगा। एक अन्य याचिका में आरोप लगाया गया था कि चुनाव में आरक्षण का प्रतिशत 50% से अधिक हो गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोजित होंगे, लेकिन याचिकाओं के निर्णय के अधीन होंगे।

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कर्नाटक सरकार 30 जून तक बंगलूरू निकाय का चुनाव कराए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कर्नाटक सरकार और राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि बंगलूरू नगर निकाय के लंबे समय से लंबित चुनाव 30 जून तक कराए जाएं। अदालत ने साफ कर दिया कि अब चुनाव में और कोई देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

बृहत बंगलूरू महानगर पालिका (बीबीएमपी) का कार्यकाल 10 सितंबर 2020 को समाप्त हो गया था। इसके बाद से नगर निगम का कामकाज सरकार की ओर से नियुक्त प्रशासक के जरिये चलाया जा रहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जेके माहेश्वरी की पीठ ने चुनाव प्रक्रिया का कार्यक्रम तय करते हुए कहा कि वार्ड-वार आरक्षण की अंतिम सूची राज्य सरकार को 20 फरवरी तक प्रकाशित करनी होगी। यह आदेश कर्नाटक सरकार की उस याचिका पर आया है, जिसमें उसने दिसंबर 2020 के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। उस आदेश में राज्य चुनाव आयोग को बीबीएमपी चुनाव जल्द कराने का निर्देश दिया गया था। सुनवाई के दौरान कर्नाटक सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने बताया कि वार्ड-वार आरक्षण तय करने की प्रक्रिया चल रही है और एक महीने में पूरी हो जाएगी। अदालत ने इस बयान को रिकॉर्ड में लेते हुए 20 फरवरी की अंतिम समय-सीमा तय कर दी।
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