देश में बढ़ते हादसों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि एक्सप्रेसवे लापरवाही से मौत के गलियारे न बनें। आंकड़ों में सामने आया कि सिर्फ 2% हाईवे पर 30% मौतें होती हैं। कोर्ट ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, NHAI और राज्यों को सख्त सुरक्षा कदम लागू करने के निर्देश दिए हैं।
देश में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश के लिए नई गाइडलाइन जारी की हैं। कोर्ट ने साफ कहा है कि एक्सप्रेसवे मौत के गलियारे नहीं बनने चाहिए और छोटी-छोटी लापरवाहियों की वजह से जान नहीं जानी चाहिए।
अब नेशनल हाईवे पर भारी या कमर्शियल वाहनों को सड़क या किनारे खड़ा करने पर रोक होगी, सिर्फ तय जगहों पर ही पार्किंग होगी।
हाईवे के किनारे नए ढाबे, दुकान या कोई भी अवैध निर्माण तुरंत रोक दिए जाएंगे।
60 दिनों के अंदर ऐसे सभी अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया गया है।
हर जिले में हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स बनाई जाएगी, जो सड़क सुरक्षा पर नजर रखेगी।
हाईवे पर कैमरे, स्पीड मॉनिटर और इमरजेंसी सिस्टम (एटीएमएस) लगाए जाएंगे।
पुलिस और प्रशासन को नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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