सुप्रीम कोर्ट ने आईएलएंडएफएस घोटाला मामले में केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान कंपनी के पूर्व एमडी हरी शंकरण को नोटिस भेजा है। शंकरण को आईएलऐंडएफएश तथा इसकी सहायक कंपनियों के लोन डिफॉल्ट में कथित भूमिका के लिए सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएअफआईओ) ने गिरफ्तार किया है।
कंपनी धोखाधड़ी के सबसे ज्यादा मामले
सरकार द्वारा धन के अवैध लेनदेन को रोकने के लिए नोटबंदी के बाद लगातार कदम उठाए गए। इस दौरान सामने आए मामलों में सीबीआई, ईडी, एसएफआईओ, एफआईयू समेत विभिन्न एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है। इनमें से कंपनियों की धोखाधड़ी के खिलाफ सबसे ज्यादा मामले एसएफआईओ के पास हैं। कॉर्पोरेट मंत्रालय द्वारा दो साल या इससे अधिक समय तक वित्तीय जानकारियां या वार्षिक रिटर्न नहीं दाखिल करने वाली सवा दो लाख कंपनियों का पंजीकरण भी रद्द किया गया था।
कई बड़े मामलों की पड़ताल
एसएफआईओ मौजूदा समय में कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच कर रहा है। इनमें आदर्श को-ऑपरेटिव सोसायटी हेराफेरी, आईएलएंडएफएस समूह और शारदा घोटाला समेत कई मामले हैं। आईएलएंडएफएस में एसएफआईओ को अहम सुराग मिले हैं। जांच में पता चला है कि समूह के प्रबंधन ने घोटाला कर करोड़ों की संपत्ति बनाई जिससे कंपनी को 91 हजार करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा।