भूमि अधिग्रहण अधिनियम में किए गए बदलाव के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी किया है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम में किए गए बदलाव के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने दायर की थी।
न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने पांचों राज्यों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इससे पहले याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने पीठ ने कहा कि इन राज्यों ने अधिनियम में बदलाव कर इसके मूल को ही खत्म कर दिया। सामाजिक सुरक्षा और लोगों की आजीविका को नजरअंदाज कर अधिनियम में बदलाव किया गया, जो कि मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
भूषण ने कहा कि इस बदलाव से किसानों और जमीन मालिकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। मौजूदा केंद्र सरकार अधिनियम में बदलाव संबंधी विधेयक लेकर आई थी कि लेकिन बहुमत नहीं होने के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका। इसके बाद कुछ राज्यों ने अपने यहां नियमों में बदलाव कर दिया।