याचिका में कहा गया है कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था राजनीतिक पार्टियों के ईर्द-गिर्द रहती है क्योंकि राजनीतिक पार्टियां लगातार जनता की जिम्मेदारियों और कर्तव्यों से जुड़ी होती हैं, ऐसे में जरूरी है कि राजनीतिक पार्टियों की जवाबदेही तय हो।
सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार ओर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। दरअसल जनहित याचिका में मांग की गई है कि सभी राजनीतिक पार्टियों को निर्देश दिए जाएं कि वे अपने उद्देश्यों, नियम कायदों की जानकारी आधिकारिक पेज पर प्रकाशित करें। याचिका में मांग की गई है कि राजनीतिक पार्टियों की जवाबदेही और पारदर्शिता तय की जाए।
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जब तक कानून नहीं बनता, तब तक सुप्रीम कोर्ट से दिशा निर्देश देने की मांग
यह याचिका वरिष्ठ वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दायर की थी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैंने राजनीतिक पार्टियों को रेगुलेट करने के लिए एक जनहित याचिका दायर की है। जब तक संसद इस पर कोई कानून नहीं बनाती, तब तक सुप्रीम कोर्ट को दिशा-निर्देश बनाने चाहिए। अदालत ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार दोनों से जवाब मांगा है, क्योंकि अभी इस मामले से निपटने के लिए ऐसा कोई कानून नहीं है।
'राजनीतिक पार्टियों की जवाबदेही तय हो'
याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने चुनाव आयोग, कानून मंत्रालय और कानून आयोग को नोटिस जारी किया है। याचिका में मांग की गई है कि चुनाव आयोग , जनप्रतिनिधि कानून की धारा 29बी और 29सी को लागू कराने के लिए अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करे। याचिका में कहा गया है कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था राजनीतिक पार्टियों के ईर्द-गिर्द रहती है क्योंकि राजनीतिक पार्टियां लगातार जनता की जिम्मेदारियों और कर्तव्यों से जुड़ी होती हैं, ऐसे में जरूरी है कि राजनीतिक पार्टियों की जवाबदेही तय हो।