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SC: लंपी रोग के बारे में चिंता जताने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को किया नोटिस जारी

Tue, 01 Nov 2022 12:48 AM IST
देव कश्यप एएनआई, नई दिल्ली।

सार

एनजीओ आर्यावर्त महासभा फाउंडेशन ने अधिकृत वकील अरूप बनर्जी के माध्यम से पशुओं में हो रहे लंपी त्वचा रोग को लेकर एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना तैयार करने के लिए निर्देश देने की मांग की।
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सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका पर केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब मांगा जिसमें मवेशियों में लंपी (ढेलेदार) त्वचा रोग से संबंधित एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना तैयार करने का आग्रह किया गया है।न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने लंपी त्वचा रोग (Lumpy Skin Disease) से संबंधित दो अलग-अलग याचिकाओं पर केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब मांगा है। इनमें से एक याचिका अधिवक्ता आशुतोष बंसल ने और दूसरी पुणे स्थित गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) आर्यावर्त महासभा फाउंडेशन ने दायर की थी।

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एनजीओ आर्यावर्त महासभा फाउंडेशन ने अधिकृत वकील अरूप बनर्जी के माध्यम से पशुओं में हो रहे लंपी त्वचा रोग को लेकर एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना तैयार करने के लिए निर्देश देने की मांग की।एनजीओ ने अदालत से उचित समय अवधि के अंदर मवेशियों के टीकाकरण के लिए एक कार्य योजना तैयार करने और लंपी  त्वचा रोग से मरने वाले मवेशियों को दफनाने की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया। एनजीओ ने बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए कदम उठाने की भी मांग की।

अधिवक्ता ने तर्क दिया कि यह बीमारी मवेशियों में फैल गई है और जुलाई से अब तक इस बीमारी के कारण 75,000 से अधिक मवेशियों की मौत हो चुकी है। याचिका के अनुसार, भारत के आठ राज्यों में मवेशियों में लंपी त्वचा रोग तेजी से फैल रहा है। इसके बाद पीठ ने नोटिस जारी किया और केंद्र एवं राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश सरकार से जवाब मांगा।
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बता दें कि लंपी त्वचा रोग एक वायरल बीमारी है, जो मवेशियों को प्रभावित करता है। यह खून पीने वाले कीड़ों, जैसे मक्खियों और मच्छरों की कुछ प्रजातियों या प्रभावित जानवरों के संपर्क में आने से फैलता है। इस बीमारी के कारण मवेशियों की त्वचा पर गांठ बन जाता है और उसे बुखार आता है। इससे मवेशियों की मृत्यु भी हो सकती है।

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